It looks like a never ending chain.
सूरज को धरती तरसे,
धरती को चन्द्रमा ।
पानी में सीप जैसे,
प्यासी हर आत्मा।
बूँद छुपी किस बादल में
कोई जाने ना।
No one knows where will I get what I want.
I thought I got everything.
सब कुछ मांग लिया तुझको मांग कर।
उठते नहीं हैं हाथ मेरे इस दुआ के बाद।
But I guess I am not that wrong.
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