Thursday, December 20, 2007

tired

I feel worn out. Need a break.

Pata nahin...


कोई सागर दिल को बहलाता नहीं,
बेखुदी में भी करार आता नहीं।

में कोई पत्थर नहीं, इंसान हूँ,
कैसे कह दूं गम से घबराता नहीं।

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